यात्रा
ऊंचागांव आएँ
ऊंचागांव बरसाना से लगभग एक मील पश्चिम में है, ललिता सखी की लीला स्थली। यहाँ नारायण भट्ट जी की समाधि है और उनकी स्थापित ब्रजाचार्य पीठ।

क्या देखें
नारायण भट्ट जी की समाधि
उनकी जयंती यहीं मनती है; 2025 में समाधि पर फूल बंगला सजा और महाआरती हुई।
स्रोत: हिस्ट्री पंडित, ब्रज ब्रेकिंग, 2025दाऊजी का मंदिर
समाधि के पास बलदेव जी और रेवती जी का मंदिर, जिनकी सेवा वे स्वयं करते थे। यहीं उनके लाड़ले ठाकुर विराजते हैं।
स्रोत: इस्कॉन (ऊंचागांव), हिस्ट्री पंडित, ब्रज ब्रेकिंग, 2025ललिता जी का मंदिर
पहाड़ी पर ललिता कृष्ण मंदिर, जिसमें राधा कृष्ण के पास ललिता जी का छोटा विग्रह है।
स्रोत: इस्कॉन (ऊंचागांव)सखी गिरि और फिसलनी शिला
सखी गिरि पर्वत पर ललिता, विशाखा, चंपकलता और चित्रा जैसी सखियों की लीलाएँ मानी जाती हैं। इसी पर पत्थर की फिसलनी, फिसलनी शिला है; कहते हैं होली पर यहाँ कृष्ण और गोपियाँ एक दूसरे पर रंग डालते थे।
स्रोत: इस्कॉन (ऊंचागांव)
कैसे पहुँचें
| कहाँ से | दूरी | समय |
|---|---|---|
| बरसाना से ऊंचागांव | लगभग एक मील | ई-रिक्शा, ऑटो या पैदल |
| मथुरा जंक्शन से बरसाना | लगभग 42 किमी | लगभग 1 घंटा |
| दिल्ली से बरसाना, कोसी कलां होकर | लगभग 130 किमी | 3 से 3.5 घंटे |
| आगरा से बरसाना | लगभग 100 किमी | 2 से 2.5 घंटे |
दूरी और समय सड़क के मोटे अनुमान हैं। सबसे पास के स्टेशन मथुरा जंक्शन और कोसी कलां हैं; हवाई अड्डे दिल्ली और आगरा।

दर्शन का समय
समाधि और मंदिरों के दर्शन का समय जल्द यहाँ होगा। उत्सव के दिनों में समय बदलता है, इसलिए आने से पहले पूछ लें।
ध्यान रखें
- शालीन कपड़े पहनें; मंदिर में जूते बाहर उतारें।
- गर्भगृह और विग्रह की फ़ोटो बिना अनुमति न लें।
- फ़ोन धीमा रखें, और सेवकों की बात मानें।
- यहाँ कोई वीआईपी दर्शन नहीं है, और किसी को इसके पैसे न दें।
कब आएँ
उनकी परंपरा के तीन खास दिन। जयंती की तिथि पीठ से पक्की होने पर यहाँ बदल सकती है।
- नृसिंह चतुर्दशी, उनकी जयंती 18 मई 2027
- राधाष्टमी 8 सितंबर 2027
- वामन द्वादशी 12 सितंबर 2027