ब्रजाचार्य पीठऊंचागांव, बरसानाEnglish

परंपरा

उनकी परंपरा आज

नारायण भट्ट जी के वंशज आज भी ऊंचागांव की ब्रजाचार्य पीठ पर रहते हैं, और उनकी परंपरा बरसाना के श्रीजी मंदिर की सेवा से जुड़ी है।

  • कंठी दीक्षा

    ऊंचागांव के भट्ट श्रीजी के सेवायत गोस्वामियों के गुरु माने जाते हैं। गोस्वामी इसी परंपरा से कंठी दीक्षा लेते हैं, और उसके बाद ही मंदिर में सेवा करते हैं।

    स्रोत: वृंदावन टुडे
  • राधाष्टमी की पहली पूजा

    हर राधाष्टमी पर पट खुलने से पहले गर्भगृह में पहली पूजा यही परंपरा करती है, राधा यंत्र की पूजा सहित। 2026 में यह पूजा गोस्वामी श्री कृष्णानंद भट्ट जी ने की।

    स्रोत: वृंदावन टुडे

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  • जयंती पर समाधि

    उनकी जयंती नृसिंह चतुर्दशी पर समाधि पर मनती है। 2025 में समाधि पर फूल बंगला सजा, लाड़ले ठाकुर की पूजा हुई, फिर महाआरती, भजन कीर्तन और प्रसाद।

    स्रोत: ब्रज ब्रेकिंग, सूचना, ब्रज ब्रेकिंग, 2025
  • ऊंचागांव में सेवा

    दाऊजी, रेवती जी और लाड़ले ठाकुर की सेवा उनके वंशज और शिष्य करते आ रहे हैं।

    स्रोत: हिंदी विकिपीडिया, ब्रज ब्रेकिंग, 2025

2025 की जयंती पर

ललितापीठाधीश्वर गोस्वामी श्री कृष्णानंद भट्ट जी ने कहा कि ब्रज में आज राधाकृष्ण भक्ति का जो वैभव दिखता है, उसका श्रेय नारायण भट्ट जी को है, जिन्होंने दक्षिण से आकर ब्रज में भक्ति की धारा बहाई।

स्रोत: ब्रज ब्रेकिंग, 2025

परिवार के और सदस्यों के नाम, परिचय और चित्र उनकी अनुमति से यहाँ जुड़ेंगे।

ललितापीठाधीश्वर गोस्वामी श्री कृष्णानंद भट्ट जी महाराज, पीले वस्त्र और दुपट्टे में मुस्कुराते हुए
ललितापीठाधीश्वर गोस्वामी श्री कृष्णानंद भट्ट जी महाराज।चित्र: ब्रजाचार्य पीठ

उनकी चरण पादुका

श्रील नारायण भट्ट जी की लकड़ी की चरण पादुका, फूलों के बीच शीशे के बक्से में।

ये कहाँ रखी हैं और इनके दर्शन कब होते हैं, यह पीठ से पूछकर यहाँ जोड़ा जाएगा।

शीशे के बक्से में फूलों पर रखी श्रील नारायण भट्ट जी की लकड़ी की चरण पादुका
श्रील नारायण भट्ट जी की चरण पादुका।चित्र: ब्रजाचार्य पीठ

परंपरा के दिन

जयंती की तिथि पीठ से पक्की होने पर यहाँ बदल सकती है।

  • नृसिंह चतुर्दशी, उनकी जयंती 18 मई 2027
  • राधाष्टमी 8 सितंबर 2027
  • वामन द्वादशी 12 सितंबर 2027